फ़िलिस्तीनियों के मर-मिट जाने के जज़्बे को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। मगर उस पर सवार इसलामी हुकूमती विचारधारा का विरोध ज़रूरी है।
21वी सदी में फालतू काम को अलविदा
फ़िलिस्तीनियों के मर-मिट जाने के जज़्बे को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। मगर उस पर सवार इसलामी हुकूमती विचारधारा का विरोध ज़रूरी है।